- धर्मशाला में 14वें दलाई लामा को प्रतिष्ठित ग्रैमी अवार्ड औपचारिक रूप से सौंपा गया
- ‘Meditations: The Reflections of His Holiness The Dalai Lama’ एल्बम के लिए मिला सम्मान
- उस्ताद अमजद अली खान और उनके बेटों के साथ संगीत सहयोग से तैयार हुआ था यह विशेष प्रोजेक्ट
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर देखने को मिला, जब तिब्बती आध्यात्मिक गुरु 14वें दलाई लामा को प्रतिष्ठित Grammy Awards से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उनके आधिकारिक कार्यालय में विश्व प्रसिद्ध सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान ने अपने बेटों अमान अली बंगश और अयान अली बंगश के साथ औपचारिक रूप से सौंपा।
दलाई लामा को यह सम्मान उनके चर्चित ऑडियो एल्बम Meditations: The Reflections of His Holiness The Dalai Lama के लिए मिला है। संगीत जगत में ग्रैमी अवार्ड को सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में गिना जाता है और इसे अक्सर संगीत का ऑस्कर भी कहा जाता है।
यह विशेष एल्बम दलाई लामा, उस्ताद अमजद अली खान और उनके बेटों के सहयोग से तैयार किया गया था। एल्बम में दलाई लामा के करुणा, शांति, आत्म-जागरूकता और मानव एकता से जुड़े संदेशों को भारतीय शास्त्रीय संगीत के सुरों के साथ प्रस्तुत किया गया है। इस अनूठे संयोजन ने दुनियाभर के श्रोताओं को प्रभावित किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हासिल की।
इस अवसर पर उस्ताद अमजद अली खान और उनके पुत्रों ने दलाई लामा के सम्मान में सरोद की विशेष प्रस्तुतियां भी दीं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि संगीत किसी भी भाषा, सीमा या संस्कृति से परे जाकर लोगों के दिलों को जोड़ने की शक्ति रखता है। उनके अनुसार दलाई लामा की आवाज में निहित शांति और करुणा ही इस सम्मान की सबसे बड़ी हकदार है।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध संगीत निर्माता, लेखक और ग्रैमी विजेता कबीर गिल सहगल भी मौजूद रहे। उन्होंने इस एल्बम के सह-निर्माता के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कबीर सहगल ने कहा कि दलाई लामा के विचारों को वैश्विक संगीत मंच तक पहुंचाना उनके जीवन के सबसे विशेष अनुभवों में से एक रहा है।
सम्मान ग्रहण करते हुए दलाई लामा ने पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह लोगों के भीतर शांति, करुणा और सकारात्मक सोच को विकसित करने की क्षमता रखता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह एल्बम दुनिया भर में लोगों को आंतरिक शांति और मानवता के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता रहेगा।
यह सम्मान केवल एक संगीत उपलब्धि नहीं, बल्कि शांति, करुणा और वैश्विक सद्भाव के संदेश की अंतरराष्ट्रीय पहचान भी माना जा रहा है। धर्मशाला में आयोजित यह विशेष अवसर हिमाचल प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय बन गया।



